Makhanlal Vyas Vidhyapeeth,, Recognition of N.C.T. Govt. of Delhi india Regd. 1170 I.T.A. And operated according to indian trust Act 1882 . and Makhanlal Vyas Vidhyapeeth I.S.O. Certified 9001 : 2015 .
The Trust Can Claim Exemption and / or Apply (if Necessary to Apply) to Take Approval for Exemption and Benefits Under Section 10(23c) , 10(23c) (Iiiab) ,10(23c) (Iiiac) ,10(23c) (Iiiad) , 10(23c) (Iiiae), 10(23c) (Iv), 10(23c) (V) ,10(23c) (Vi) 10(23c) (Vi a) of the Income Tex Act ,1961 : in Case the Exemption Benefits and Approval Are Required for Any Fo the Activity Programme or Any Purpose for the Applicable Assessment From / to the Concerned Authority of Income Tex Department or Any Other Recognised Authority of Government of India.
is an institution that aims at the complete development of the trainees and our instructors are well trained to ensure that the trainees are given every possible support in all their endeavours, academic or otherwise.
हम आपके पास इस वेबसाइट के माध्यम से माखनलाल व्यास विद्यापीठ के द्वारा संचालित विषय व प्रोग्राम से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। कृपया इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं तथा अपने सहयोगी मित्रों भाई बंधुओं को भी विद्यापीठ के प्रोग्रामो व कोर्सो से अवगत करा कर उन्हें भी प्रवेश दिलाकर अपने साथ उनका भी भविष्य उज्जवल बनाएं।
माखनलाल व्यास विद्यापीठ में आपका स्वागत है। माखनलाल व्यास विद्यापीठ के स्थापना के पीछे महत्वपूर्ण भावना शिक्षा से समाज की एक पीढ़ी द्वार अपने से निचली पीढ़ी को अपने ज्ञान के हस्तांतरण का प्रयास है। व विद्यापीठ स्थापना से मेरा आशय है, कि समाज को संपूर्ण क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान की जाए इस हेतु विद्यापीठ ने अनेकों क्षेत्र के विषय व विद्यापीठ के कार्यक्रम के माध्यम से समाज के संपूर्ण वर्गों को प्रत्येक क्षेत्र में प्रशिक्षण देने की भावना से माखनलाल व्यास विद्यापीठ की स्थापना की गई है। जिससे समाज का प्रत्येक वर्ग विद्यापीठ के विषय व कार्यक्रम में भाग लेकर अपने उस विषय पर ज्ञान प्राप्त करके अपना शिक्षा का स्तर बढ़ा सकता है। व जो उसने ज्ञान प्राप्त किया है। उसे अपने जीवन में अपनाकर अपनी आजीविका को चला सकता है। माखनलाल व्यास विद्यापीठ से छात्र-छात्राएं किसी भी क्षेत्र या कस्बे गांव व शहर में रहकर किसी भी विषय पर दूरस्थ शिक्षा व नियमित शिक्षा (प्रशिक्षण केंद्र) के माध्यम से अपनी शिक्षा पूर्ण कर सकते हैं।